poetry

Rebirth

rebirth

Advertisements

मकड़ी का जाला

10275567_10152251809456603_6816410250108090697_o

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मकड़ी का एक जाला
लटका हुआ सा दिखा 
उसमे अटकी हुई एक ज़िन्दगी भी  
और दिखी भूख 
जीने की 
दोनों तरफ
आज फिर एक जाला देखा
लटका हुआ खुद को पाया 
और तुम मिले वहीँ नज़दीक 
ज़ाले में लिपटे हुए डरे
हमने भी डर कर थमा दिया 
एक टूटा पंख उम्मीदों का   
और फिर साल गुज़रा 
अब भी वो मकड़ी का जाला 
सालों से अब तो 
लटक रहा है छज्जे से 
और हम लटके हैं 
लिपटे अपने जालों में 
लिपटाये उन जालों को 
सांस दबा के बैठे हैं 
आज मिला एक लटका जाला

 

10551649_10152251809396603_2260019751766340266_o

 

धूप

artistic_backlit_autumn_leaves

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

तुम धूप हो
कभी ओस की बूँद पे चमकती हुई
कभी मरीचिका
गर्मियों के जलते दोपहर में
रास्तों को और लम्बा करती हुई
जला मैं भी
कभी होली के पापड़ की तरह
और कभी भुना मिला
भुट्टे की कालिख जैसे
सर्दिओं की दोपहरों में
अमरुद और संतरों के बीच
अपना बीज़ गिरा
मैं सूखा, पनपा
तुम्हारी तरफ पलटा
मेरा ठंडा बदन
सुकून सेकने
फिर भागा मैं
जलते लू से
वापस उसी अंधे कुएं में
जिससे निकला था
तुम्हे लपेटने को
अपने अंदर बाहर
अँधेरा बुरा सही
पर एक जानी पहचानी परछाई है
पर तुम
तुम्हे क्या कहूँ?
क्यूंकि तुम तो धूप हो।

 

inspiringwallpapers.net-artistic-wallpaper-sunlight-and-lantern

Hope, is for the weaker kind.

What will you give me
That i dont already have
In the crevices of daydreams
Stuck on the edges of my heart

What will you show me
That my mind hasnt already seen
No the salty havent washed them away
I only see them more frequently now

Where will you fit another challenge
That hasnt already given me a medal
Maybe some are black & blue
But i look at them everyday with pride

How will you bend me out of shape
There is no more room to dent
It’s the fire in my belly, you see
Makes my shape amber

When will you show me a new way
I’m everywhere you ever went
Im not lost, dont confuse yourself
I am already on the way to me

What is there but for me to rejoice
The planet that lives my soul
I am the god of my own journey
And i own every path that leads to it

20140803-214013-78013787.jpg